कांकेर। नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों को सामान्य जीवन से जोड़ने पुलिस ने कवायद तेज कर दी है, कांकेर और नारायणपुर के बॉर्डर इलाके में जिसे कभी नक्सलियों की राजधानी कहा जाता था जहां नक्सली अपनी अदालत लगाते थे अब वहां कांकेर एसपी निखिल राखेचा पहुंचे और पुलिस के भरोसे के अभियान के तहत ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्या सुनी और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत करवाते हुए सभी योजनाओं का लाभ उठाने प्रेरित किया।
कोयलीबेडा ब्लॉक के बेहद अंदरूनी इलाके माड़ क्षेत्र के ग्राम डोमांज, मुतनतोड़ा, उकाट , बड़ेकोट एवं गेड़ाबेड़ा में पुलिस ने सिविक एक्शन प्रोग्राम आयोजित किया था,जहां ग्रामीणों से उनकी समस्या पुलिस कप्तान ने सुनी और सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ग्रामीणों को सामग्री वितरण भी किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनना, विश्वास का वातावरण स्थापित करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों द्वारा ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं स्थानीय मांगों की जानकारी ली गई। ग्रामीणों को साड़ी, धोती, चप्पल, गमछा, टी-शर्ट, लोवर, कंबल एवं राशन सामग्री वितरित कर राहत प्रदान की गई।
पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता एवं आयुष्मान कार्ड का लाभ लेने हेतु जागरूक किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय करने का आश्वासन दिया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने एवं समय पर इलाज सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, शिक्षा के प्रति जागरूक करने तथा आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
कांकेर पुलिस द्वारा ग्रामीणों से क्षेत्र में शांति, भाईचारा एवं विकास के लिए सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही भटके युवाओं एवं माओवादी विचारधारा से जुड़े लोगों से मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण करने एवं सामान्य जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।





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