Authored by: Gaurav Shrivastava
नारायणपुर। नक्सलियों के खिलाफ लगातार जारी ऑपरेशन और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण अब बस्तर क्षेत्र के नक्सलियों का संगठन से मोह भंग हो रहा है, नारायणपुर में एक साथ 11 नक्सलियों ने आत्म समर्पण कर दिया है, आत्म समर्पित नक्सलियों पर कुल 40 लाख का ईनाम घोषित था। नारायणपुर पुलिस , आईटीबीपी और बीएसएफ के लगातार प्रयास के चलते ही अब कई नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौटने पुलिस के संपर्क में आ रहे है।
नियद नेल्लानार योजना के वृहत प्रचार-प्रसार एवं अबूझमाड़ के अंदरुनी क्षेत्रों में लगातार स्थापित किए जा रहे जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार अब बस्तर अंचल के आदिवासी जो भटक कर नक्सल संगठन से जुड़ गए थे उन्हें वापसी की राह दिखा रहा है। अबूझमाड़ में पुलिस , बीएसएफ , आईटीबीपी के द्वारा कई नवीन कैप स्थापित किए जा रहे है, जिसके कारण क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी देखी जा रही है। वही दूसरी तरफ सरकार ने अपना रुख साफ कर रखा है कि नक्सली या तो आत्म समर्पण कर दे या एनकाउंटर में मौत को गले लगाने की तैयारी कर ले। जिसके बाद आत्म समर्पण करने नक्सलियों की टीम लगातार सामने आ रही है। नारायणपुर में आज आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों में मुख्य रूप से डीवीसीएम कमांडर सन्नू उर्फ मंगेश उपेण्डी ईनामी 8 लाख , सन्तु उर्फ बदरू वड़दा ईनामी 8 लाख , जनिला उर्फ जलको कोर्राम ईनामी 5 लाख , सुक्की मण्डावी ईनामी 3 लाख समेत अन्य नक्सली शामिल है।






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