Authored by: Gaurav Shrivastava
कांकेर। 18 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे NHM कर्मचारियों ने आज जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है, राज्य शासन द्वारा NHM संघ के पदाधिकारियों को बर्खास्त करने का आदेश देने से भड़के साथियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप कर शासन की मुश्किलें बढ़ा दी है। राज्य शासन द्वारा हड़ताल खत्म करवाने की हर कोशिश नाकाम साबित हो रही है।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर NHM संघ हड़ताल पर है, और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चुनाव के समय किए गए वादे को पूरा करने की मांग कर रहे है, लेकिन सरकार ने अब तक इनकी मांगों पर विचार नहीं किया है, बल्कि राज्य शासन ने हड़ताल पर बैठे संघ के कई जिलों के पदाधिकारियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी करने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई है,कांकेर समेत कई जिलों से सामूहिक इस्तीफे की खबर सामने आ रही है।
कांकेर NHM संघ के जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा कि इसके पहले भी एक दिवसीय हड़ताल की गई थी जिसके बाद सरकार ने एक माह का समय मांगा था जिसके बाद जब मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो जुलाई में ज्ञापन सौंपकर 15 अगस्त तक मांगे पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया था लेकिन 15 अगस्त को भी सरकार की तरफ से कोई घोषणा नहीं हुई, जिसके बाद 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है और अब हमारी मांगों पर विचार करना छोड़ हमें बर्खास्त किया जा रहा है, जिसके कारण आज जिले भर के 655 NHM इस्तीफा दे रहे है।






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