Authored by: Gaurav Shrivastava
विजेंद्र पांडेय
कांकेर ।अंतागढ़ के समीप केसालपारा गांव में एक विधवा महिला और उसके चार बच्चों का परिवार इन दिनों भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। महिला का कहना है कि वह अपनी इच्छा से ईसाई धर्म का पालन करती है, लेकिन इसी बात को लेकर उसके घर पर ग्रामीणों की भीड़ पहुंची और बाउंड्रीवाल में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित महिला का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद वह अपने चार बच्चों का पालन-पोषण अकेले कर रही है। उसका दावा है कि उसने अपनी आस्था के आधार पर ईसाई धर्म में विश्वास को चुना है और किसी ने उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाया। महिला का कहना है कि अब उस पर मूल धर्म में लौटने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उसका विश्वास ईसाई धर्म में है और वह अपनी आस्था नहीं बदलना चाहती।
दूसरी ओर, ग्रामीणों का आरोप है कि महिला के धर्म परिवर्तन से गांव की सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी विवाद के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण उसके घर पहुंचे, जहां कथित तौर पर बाउंड्रीवाल में तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद महिला और उसके बच्चों में डर का माहौल है।
महिला ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे और उसके बच्चों को भय के माहौल में नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उसने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बताई जा रही है। प्रशासन की भूमिका अब बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे, सभी पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनी जाए और किसी भी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों तथा सुरक्षा से समझौता न हो।






Leave a Reply