कांकेर। अंतागढ़ से नारायणपुर को जोड़ने वाली निर्माणाधीन स्टेट हाईवे क्रमांक-5 अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सड़क निर्माण के बीच रावघाट से कच्चे लौह अयस्क की ढुलाई के लिए दौड़ रहे भारी वाहनों ने सड़क की हालत और बिगाड़ दी है। हालात ये हैं कि 4 दिनों से यात्री बसों के पहिए पूरी तरह थम गए है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,बस संचालकों का कहना है कि सड़क पर वाहन चलाने में जितनी कमाई नहीं हो रही, उससे ज्यादा खर्च वाहनों की मरम्मत में आ रहा है।
अंतागढ़ से नारायणपुर तक निर्माणाधीन स्टेट हाईवे क्रमांक-5 की बदहाल तस्वीर अब साफ नजर आ रही है। एक तरफ सड़क निर्माण का काम जारी है, तो दूसरी तरफ इसी मार्ग से रावघाट से कच्चे लौह अयस्क की ढुलाई के लिए लगातार भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के चलते सड़क पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन गई है।
जगह-जगह गड्ढे और खराब सड़क के कारण यात्री बसों का संचालन मुश्किल हो गया है। बस संचालकों का कहना है कि वाहनों में लगातार नुकसान हो रहा है और कमाई से ज्यादा खर्च मरम्मत पर आ रहा है। यही वजह है कि यात्री बसों का संचालन आज से पूरी तरह बंद कर दिया गया। बसें बंद होने से यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में कीचड़ और फिसलन के बीच भारी वाहनों की आवाजाही से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीएसपी को लौह अयस्क के दोहन और परिवहन से पहले सड़क निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए थी, लेकिन सड़क निर्माण के बीच माइंस की भारी वाहनों के लगातार आवाजाही से सड़क निर्माण में भारी दिक्कते हो रही है, सड़क निर्माण के लिए जैसे ही सड़क पर बेस तैयार किया जाता है माइंस की भारी वाहन उससे गुजरते है और मार्ग में फिर बड़े बड़े गड्ढे हो जाते है, यही चलता रहा तो पूरे बारिश सड़क की स्थिति यही बनी रहेगी और निर्माण कार्य बेहद मुश्किल हो जाएगा, अब देखना होगा प्रशासन इस गंभीर समस्या का क्या हाल निकाल पाती है।






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