Authored by: Gaurav Shrivastava
कांकेर। बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ कार्यवाही लगातार जारी है, बड़े स्तर पर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया गया है, जिसका असर भी देखने को मिला है,पहले देखा जाता था कि मानसून में ऑपरेशन में कमी आती थी ,कारण था घने जंगलों में आने वाली चुनौतियां जिसके कारण ऑपरेशन काफी कम हो जाते थे, लेकिन अब मानसून में भी नक्सलियों को घेरने रणनीति बना ली गई है, इस पर अमल भी शुरू हो चुका है। बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने के बाद नक्सल संगठन पूरी तरह बिखर चुका है, शीर्ष नेता बसव राजू के मारे जाने के बाद नक्सल संगठन नेतृत्वहीन हो गया है। उत्तर बस्तर कांकेर में भी नक्सलियों की कमर तोड़ दी गई है, प्रदेश में पहली बार एक साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों को ढेर करने का सिलसिला कांकेर जिले से ही शुरू हुआ था, जिसके बाद नारायणपुर, बीजापुर में भी इसी तरह के ऑपरेशन चलाए गए है।
मानसून में घने जंगलों और नदी नालों के उफान में होने के कारण नक्सल ऑपरेशन काफी मुश्किल होते है, लेकिन पुलिस ने अब इसको लेकर भी अपने इरादे साफ कर दिए है कि चाहे जितनी मुश्किलें आ जाए नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकेंगे नहीं।
कांकेर के पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री और प्रदेश के गृहमंत्री के साथ मिलकर प्रदेश की पुलिस ने रणनीति तैयार की है, जिसके अंतर्गत बारिश में भी ऑपरेशन जारी है, उन्होंने बताया कि मार्च 2026तक नक्सलवाद के खात्मे को लेकर हर तरह से जवानों ने तैयारी कर रखी है और इस पर कार्य जारी है।






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