Authored by: Gaurav Shrivastava
रायपुर। बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन से घबराए नक्सली नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा था लेकिन नक्सलियों ने अपनी 7 बिंदु की शर्त सरकार के सामने रख दी थी, जिसके बाद गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए और नक्सलियों को दो टूक जवाब दे गए है, अमित शाह की नक्सल समस्या को लेकर बड़ी बैठक में नक्सलियों के शांति वार्ता के विषय पर चर्चा तक नहीं की गई, क्योंकि सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक नक्सली हथियार नहीं छोड़ते तब तक कोई बात नहीं होगी। इससे साफ हो चुका है कि बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन जारी रहेंगे।
15 माह में जिस तरह से केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाए गए उससे नक्सल संगठन बुरी तरह बिखर चुका है, कई बड़े नक्सली मारे जा चुके है और नीचे स्तर के नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे है, जिसके बाद नक्सलियों ने सशर्त वार्ता की पेशकश की थी, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया है। बता दे कि इसके पहले भी नक्सली शांति वार्ता की पेशकश की थी लेकिन शर्तों की लंबी लिस्ट जारी कर दी थी, इस बार भी कमोबेश इसी तरह की स्थिति है। जिसके कारण इस बात भी वार्ता की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।






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